jallianwala bagh renovation: Amidst the ongoing controversy over the Jallianwala Bagh memorial, a top government official has told many important things, He says that the approval of the experts was taken before the renovation: जलियांवाला बाग नवीनीकरण: विरासत को नष्ट नहीं किया गया, एक्‍सपर्ट्स की मंजूरी के बाद हुआ काम


नई दिल्ली
जलियांवाला बाग स्मारक को लेकर इन दिनों खासा विवाद जारी है। स्मारक में किए गए संरक्षण व नवीनीकरण के काम को जहां विपक्ष इतिहास से छेड़छाड़ करार दे रहा है, वहीं उसने आरोप लगाया कि आजादी की लड़ाई में एक शहादत स्थल के तौर पर यह जगह बेहद पवित्र और सम्मानीय है, जिसे नवीनीकरण के नाम पर पर्यटक स्थल बनाने की कोशिश की जा रही है, जो शहीदों का अपमान है। हालांकि, इस पूरे विवाद के बीच सरकार के एक आला सूत्र का कहना है कि जलियांवाला बाग का नवीनीकरण और संरक्षण हर तरह से उस विरासत की गरिमा और सम्मान को ध्यान में रखकर किया गया है। इस पूरी प्रकिया में कहीं से भी पुरानी और मूल विरासत को नष्ट नहीं किया गया। जलियांवाला बाग के नए स्‍मारक का उद्घाटन हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।

दलील यह भी दी जा रही है कि इस बाग में नवीनीकरण का काम कई बार हो चुका है। स्मारक के नवीनीकरण और जीर्णोद्धार का पूरा काम संस्कृति मंत्रालय ने करवाया। इस परियोजना की देखरेख के लिए एक सलाहकार समिति बनाई गई थी। इसमें संस्कृति मंत्रालय के अलावा पर्यटन मंत्रालय, पुरातत्व विभाग और निर्माण क्षेत्र की सरकारी कंपनी एनबीसीसी के अधिकारी शामिल थे। परियोजना के लिए 20 करोड़ का टेंडर निकाला गया था।

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सूत्रों के मुताबिक, नवीनीकरण की परियोजना के प्रारूप पर बाकायदा विशेषज्ञों और इतिहासविदों की मंजूरी ली गई थी। नवीनीकरण के बाद यहां चार गैलरी तैयार की गईं, जिसमें पंजाब संबंधी इतिहास, जलियांवाला बाग नरसंहार, इस घटना से प्रेरित होने वाले ऊधम सिंह व भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों से जुड़ी जानकारी व इस घटना से जुड़ी मूल सामग्री फोटो वगैरह दिखाई जाएगी। इसके अलावा इस नरसंहार में मारे गए लोगों से जुड़ी चीजें मसलन टोपी, साफा, जूती व निजी चीजों को परिवार से लेकर यहां प्रदर्शित करने की भी योजना है। इसका मकसद समय के साथ फीके पड़ चुके स्मारक की साफ सफाई व रंगरोगन है।

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मंत्रालय से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, गोलियां के निशान जो समय के साथ बेहद हल्के हो गए थे, उन्हें हाइलाइट किया गया है। इसी तरह से कुएं में जाने वाली गंदगी को रोकने के लिए उसके चारों तरफ से ग्लास लगा दिए गए हैं। इसी तरह से बेकार व गंदे पड़े फव्वारे को दुरुस्त किया गया है। इसी के साथ बाग में थोड़ी लैंडस्केपिंग की गई है। जबकि लाइट एंड शो को लेकर हो रहे विवाद पर दलील दी जा रही है कि लाइट एंड साउंड का पुराना सिस्टम काम नहीं कर रहा था, इसलिए नया लगाया गया।

smarak



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