हाइलाइट्स बोले, भारत-चीन के बीच सीमा समझौता होने तक घटनाएं होती रहेंगी चीन सीमा पर स्थायी शांति को बताया जरूरी, प्रयास जारी रखने होंगे चीन के किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए तैयार है भारतीय सेना नई दिल्लीथल सेना प्रमुख जनरल एम. एम. नरवणे ने गुरुवार को कहा कि भारत और चीन के बीच सीमा पर घटनाएं तब तक होती रहेंगी, जब तक कि दोनों देशों के बीच सीमा समझौता नहीं हो जाता। उन्होंने पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री में एक सभा को संबोधित करते हुए इसके संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में हालिया घटनाक्रम पर भारतीय थल सेना ने ‘निश्चित रूप से ध्यान केंद्रित’ किया है। वह खतरे का आकलन करने के साथ ही रणनीति की तैयारी में जुटी हुई है। चीन पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, ‘हमारे पास सीमा का एक लंबित मुद्दा है। हम फिर से किसी भी दुस्साहस का सामना करने के लिए तैयार हैं, जैसा कि हमने अतीत में प्रदर्शित किया है।’ उन्होंने उद्योग संगठन की वार्षिक सत्र बैठक के दौरान कहा, ‘इस तरह की घटनाएं तब तक होती रहेंगी, जब तक कि एक दीर्घकालिक समाधान नहीं हो जाता और वह है सीमा समझौता। और यह हमारे प्रयासों के केंद्र में होना चाहिए, ताकि हमारी उत्तरी (चीन) सीमा पर स्थायी शांति हो।’ सिब्बल, आजाद, तिवारी… सिद्धू के ‘आउट’ होते ही ‘फॉर्म’ में लौटे जी-23 के नेता, निशाने पर गांधी परिवार अफगानिस्तान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय थल सेना या सशस्त्र बल खतरे की आशंकाओं का समय-समय पर आकलन करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि उन आकलनों के आधार पर भारतीय थल सेना भविष्य के खतरों से निपटने के लिए आवश्यक रणनीतियां और सिद्धांत तैयार करती है। नरवणे ने कहा, ‘यह निरंतर प्रक्रिया है जो कभी नहीं रुकती है।’ 15 अगस्त को काबुल पर तालिबान ने कब्जा कर लिया था। अफगानिस्तान पर तालिबाान के कब्जे के बारे में अपनी चिंता व्यक्त करते हुए भारत ने 20 सितंबर को कहा था कि युद्ध प्रभावित देश के भू-भाग का इस्तेमाल आतंकवादी कृत्यों को आश्रय, प्रशिक्षण देने, साजिश रचने या धन मुहैया कराने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। जनरल नरवणे ने कहा कि जहां तक आतंकवादी खतरे की बात है, तो भारतीय थल सेना सभी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है। India China Border News: पूर्वी लद्दाख के बाद अब उत्तराखंड में चीन की घुसपैठ, पुल तोड़कर भागे PLA के सैनिकउन्होंने कहा, ‘हमारे पास जम्मू-कश्मीर में एक बहुत ही गतिशील आतंकवाद रोधी और चरमपंथ रोधी ढांचा है। यह एक गतिशील ढांचा है और यह खतरे की धारणा और हमारे पश्चिमी पड़ोसी (पाकिस्तान) की ओर से अधिक से अधिक आतंकवादियों को तैयार करने के प्रयासों के बढ़ते स्तरों पर आधारित है। सेना प्रमुख ने कहा कि उतार-चढ़ाव के आधार पर हम अपने संचालन के स्तर का भी दोबारा आकलन करते रहते हैं। भारत और चीन के बीच मौजूदा सीमा गतिरोध पिछले साल मई में पैंगोंग झील क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद शुरू हुआ था। दोनों पक्षों ने धीरे-धीरे हजारों सैनिकों के साथ-साथ भारी हथियारों की तैनाती बढ़ा दी थी। पिछले साल 15 जून को गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद यह गतिरोध बढ़ गया था। Source link Post navigation supreme court collegium: The Supreme Court Collegium, headed by Chief Justice of India (CJI) NV Ramana, has recommended 16 names for promotion as judges in the High Courts of Bombay, Gujarat, Odisha and Punjab-Haryana, In its meeting held on Wednesday, the collegium approved the proposal of 16 names for promotion as judges of these four high courts, It has six judicial officers and 10 advocates: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 4 हाई कोर्टों में न्यायाधीशों के लिए 16 नामों पर लगाई मुहर, यहां देखिए पूरी लिस्ट pm modi news: PM to launch second phases of Swachh Bharat Mission-Urban, AMRUT on Friday: कचरा मुक्त होंगे शहर… पीएम मोदी करेंगे स्वच्छ भारत मिशन-शहरी और अटल मिशन के दूसरे चरण का शुभारंभ